chandrabhadra singh mla: Ex MLA chandrabhadra singh ka cm yogi ko letter: पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह का सीएम योगी को पत्र


हाइलाइट्स:

  • पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखी
  • मेरे या परिवार के साथ कुछ हुआ तो उसका जिम्मेदार जिला प्रशासन होगा: सिंह
  • चंद्रभद्र सिंह ने जताई आशंका, कहा- मेरी हत्या की साजिश रची जा रही है

सुलतानपुर
मेनका गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक चिट्ठी लिखी है। उन्होंने सीएम योगी को लिखे पत्र में कहा है कि मेरी हत्या की साजिश रची जा रही है, ऐसे में मेरे या परिवार के साथ कुछ हुआ तो उसका जिम्मेदार जिला प्रशासन होगा।

तीन बार रह चुके हैं विधायक
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में इसौली विधानसभा के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह ने लिखा कि, मैं दो बार सपा और एक बार बसपा के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक निर्वाचित हुआ हूं। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा का प्रत्याशी रहा और बीजेपी प्रत्याशी मेनका गांधी मामूली अंतर से चुनाव जीत सकीं। उन्होंने हवाला दिया कि मेरे परिवार की राजनीतिक पृष्ठ भूमि है। बाबा शारदा प्रसाद सिंह, मां ऊषा सिंह, धनपतगंज ब्लाक की प्रमुख रहीं। पिता स्व. इंद्रभद्र सिंह दो बार इसौली विधानसभा सीट से विधायक रहे। भाई यशभद्र सिंह मोनू धनपतगंज ब्लाक से ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। हाल में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में बहन अर्चना सिंह ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता है। सोनू ने आगे जिक्र किया कि परिवार में और सदस्य सरकारी नौकरी में अच्छे पदों पर हैं। अच्छी खेती और कारोबार भी है, इन कारणों से राजनीतिक प्रतिद्वंदिता भी है।

लाइसेंस निरस्त होने के बाद पिता की हुई थी हत्या
मुख्यमंत्री के नाम लिखे पत्र में पूर्व विधायक ने उल्लेख किया है कि जब मेरा परिवार किसी चुनाव में भागीदार बनता है तो परिवार की राजनैतिक, सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के उद्देश्य से सत्ता दल के नेता पुलिस को हमवार करके मनगढ़ंत मुकदमे मेरे और समर्थकों पर दर्ज कराकर उत्पीड़न करते हैं। ये पुलिसिया कार्रवाई राजनैतिक वर्चस्व कायम करने के उद्देश्य से गहरी साजिश का हिस्सा है। चंद्रभद्र सिंह ने सीएम को हवाला दिया कि मेरे पिता पूर्व विधायक इंद्रभद्र सिंह इसौली से विधायक थे तब तत्कालीन डीएम अनुराग श्रीवास्तव ने राजनीतिक दबाव में बिना किसी आपराधिक मुकदमे के उनका लाइसेंस निरस्त करके असलहा जमा करा लिया था। कुछ ही दिन बाद 21 जनवरी 1999 को दीवानी चौराहे पर दिन में ही बम मारकर उनकी निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी। उसी प्रकार की साजिश मेरे परिवार के साथ रची जा रही है। उन्होंने अपने और पत्नी के नाम जारी लाइसेंस के संबंध में बताया कि 21 सालों में उसका गलत उपयोग नहीं हुआ। लेकिन अब लाइसेंस निरस्त कराने की साजिश रची जा रही है। मेरी हत्या का कुचक्र रचा जा रहा, ऐसे में मेरे या परिवार के साथ कुछ हुआ तो उसका जिम्मेदार जिला प्रशासन होगा।



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