Covid in Northeast states: उत्तर से पूर्वोत्तर राज्यों की तरफ बढ़ा रहा संक्रमण, गिरावट वाले राज्यों में भी कड़ी सतर्कता की जरूरत – corona infection is heading towards north eastern states says iit kanpur experts


कानपुर
देश में कई दिनों तक कोरोना संक्रमण के रोजाना 4 लाख केस रेकॉर्ड होने के बाद आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने फिर चेतावनी जारी की है। एस-आई-आर मॉडल के जरिए प्रफेसर महेंद्र वर्मा ने कहा है कि संक्रमण अब उत्तर भारत से पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर बढ़ रहा है। पश्चिम बंगाल, असम, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर और सिक्किम फिलहाल दूसरे राज्यों से पीछे हैं। हालात बिगड़ने के पहले नेतृत्व को कुछ कड़े फैसले लेकर वायरस की बढ़त को रोकना चाहिए। गौरतलब है कि पिछले साल आई कोरोना की पहली लहर में पूर्वोत्तर के राज्यों पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा था।

भौतिक विज्ञान के प्रफेसर वर्मा ने अपने गणितीय मॉडल के आधार पर मार्च में सबसे पहले बताया था कि देश 1 लाख केस रोजाना के स्तर को जल्द पार कर सकता है। ताजा आकलन में प्रफेसर वर्मा ने राज्यवार हालात को पेश किया है।

– देश संक्रमण के चरम के पास है। टेस्ट की सीमित क्षमता के कारण भारत में अधिकतम केस 4 लाख रोजाना से आगे नहीं जा पा रहे हैं। ऊंची पॉजिटिविटी रेट (22 प्रतिशत) के कारण भारत एक हफ्ते में केस बढ़ने के बजाए गिरते देखेगा। गिरावट धीमी गति से होगी।

– लॉकडाउन के कारण वायरस का प्रसार रुका। इससे महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, दिल्ली और छत्तीसगढ़ में नए केसों में गिरावट आने लगी। मॉडल से पता चलता है कि केरल, हरियाणा, राजस्थान, तेलंगाना और बिहार भी पीक पर पहुंच चुके हैं, लेकिन आंकड़ों में जबर्दस्त उतार-चढ़ाव है। वायरस की संक्रामकता बताती है कि गिरावट वाले राज्यों में भी कड़ी सतर्कता बरतनी पड़ेगी। पुरानी गलती दोहराना भारी पड़ेगा।

– कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जल्द चरम पर पहुंचेंगे। तमिलनाडु मई के तीसरे हफ्ते में पीक पर पहुंचेगा। ओडिशा, उत्तराखंड, पंजाब, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, चंडीगढ़, गोवा और जम्मू-कश्मीर में संक्रमण बढ़ रहा है। ये राज्य चरम पर पहुंचने में कुछ हफ्ते लेंगे। इन राज्यों में संक्रमण की गति थामने के लिए कड़े फैसले लेने होंगे।

– वायरस का प्रसार पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों की तरफ हो रहा है। बंगाल के अलावा सात अन्य राज्यों में संक्रमण रोकना फिलहाल संभव दिखता है। लेकिन इसके लिए कड़े फैसले लेने होंगे।

– गोवा में टेस्ट पॉजिटिविटी रेट 50 प्रतिशत के करीब है। उत्तराखंड, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, केरल और हरियाणा में भी पॉजिटिविटी की दर 30 प्रतिशत के करीब है। जांच की क्षमता बढ़ाने के साथ यहां संक्रमण रोकने के लिए मजबूत फैसलों की जरूरत है।

– संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों जैसे केरल में मृत्यु दर 1.40 प्रतिशत होना बताता है कि वहां स्वास्थ्य सुविधाएं अच्छी हैं। झारखंड में मृत्यु दर 2.20 प्रतिशत, पंजाब 2 और दिल्ली में 1.70 प्रतिशत है।

पॉजिटिविटी रेट मृत्यु दर

भारत 22% .98 %
महाराष्ट्र 21% 1.53 %
गुजरात 9% 1 %
उत्तर प्रदेश 12% 1.22 %
छत्तीसगढ़ 23% 1.61 %
मध्य प्रदेश 18% .66 %
दिल्ली 25% 1.65 %
राजस्थान 20% .91 %
हरियाणा 28% 1.17 %

(सभी आंकड़े 8 मई तक के डेटा के आधार पर)



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